Friday, 4 December 2015

हमारे देवी देवता


प्राचीन काल से सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवताओं का पूजन करने का विधान है।
हिंदू धर्म का अनुसरण करने वाले अपने-अपने मतानुसार उनका पूजन करते हैं।
क्या सच में हिंदू धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं। इस संदर्भ में संस्कृत में कोटि वचन के
दो अर्थ माने जाते हैं। एक मतलब है प्रकार और द्वितिय मतलब है करोड़।
 देवी-देवताओं के निर्देश में भी कोटि शब्द का प्रथम अर्थ प्रकार ही काम में लिया गया है।
इस प्रकार है हिंदू धर्म के 33 देवी-देवताओं की गणना-
देवताओं की 33 श्रेणियों में आठ वसु, ग्यारह रुद्र, बारह आदित्य, इंद्र और प्रजापति जोड़े गए हैं।
12 आदित्य - अंशुमान, अर्यमन, इंद्र, त्वष्टा, धातु, पर्जन्य, पूषा,
                     भग, मित्र, वरुण, वैवस्वत और विष्णु
8 वसु - आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष, प्रभाष
11 रूद्र - मनु, मन्यु, शिव, महत, ऋतुध्वज, महिनस, उम्रतेरस,
             काल, वामदेव, भव और धृत-ध्वज हैं।
2 अश्विनी - अश्विनी तथा कुमार (कुछ विद्वान इंद्र तथा प्रजापति की जगह पर अश्विनी कुमारों 
                                             को मानते हैं।)
इस प्रकार सब मिलाकर 12 आदित्य + 8 वसु + 11 रूद्र +
   2 अश्विनी कुमारों का कुल जोड़कर 33 कोटी देवता माने जाते हैं।

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