Monday, 6 July 2015

उपदेश कुशल बहुतेरे, जे आचरहिं ते नर न घनेरे

ओके चलो मै  आ गया ।  बहुत दिनों से इच्छा थी की मै  ब्लॉग लिखु,  सो व्हाट्स,  आई एम  हियर, शुरुवात करते है एक विचार से "पर उपदेश कुशल बहुतेरे, जे आचरहिं ते नर न घनेरे" 'इस का मतलब ये है की "औरों को नसीहत, खुद मियां फजीहत"  मध्य प्रदेश के व्यसायिक परीक्षा मंडल को संक्षिप्त में व्यापम कहते है अब ये  व्यापम है ना इस में बहुत सारे  राज है अरे बिपाशा वाले नहीं । राज का नाम सुनते ही लार टपकाने लगे । ये तो प्री  मेडिकल टेस्ट ,प्री  इंजीनियरिग टेस्ट और कई सरकारी परीक्षाये करवाता है सुना है,अब  सुना है तो सच ही होगा । व्यापम में फर्जी तरीके से शिक्षको , कॉन्टेबलो  फ़ूड इंस्पेक्टर,  नाप तौल विभाग  सभी में जुगाड़ से पक्की वाली नौकरी मिल जाती है बस थोड़ी सी मिठाई खिलानी पड़ती है अरे मिठाई भाई गुलाब जामुन बर्फी और क्या, वो भी साहब के बच्चो के लिए बस । हमारे साहब मिठाई थोड़े ही खाते है उंन्हे  तो शुगर है डायबिटीज़ है बीपी है पता नहीं लो है या हाई ।  लो ही होगी तभी तो लेते रहते है अख़बार में निकला है की तक़रीबन 1000 नौकरी और 500 मेडिकल सीटे  साहब के आशीर्वाद से प्राप्त हुई है वैसे शिव राज की ईमानदारी पर शक नहीं है लेकिन जब ईमानदारी ख़ामोशी  बन जाय तो उसमे बेईमानी की बदबू आने लगती है सरकार कहती है कुछ लोगो के बारे में,  जो लोग इस की छानबीन में  या जो इस में लिप्त थे मारे गए तक़रीबन 25, अख़बार कहता है नहीं भाई वो तो 50  थे लेकिन सब से अलग हमारे मध्य प्रदेश के मंत्री जी कहते है की मरने वाले उन से बड़े थे क्या, बड़े तो वो है । ये तब कहा  जब शिव के राज वहां मौजूद थे बेचारे चुप थे कुछ लोगो ने कहा की जब मंत्री जी ने ये बात कह कर ठहाका लगाया तो बेचारे शिव राज भी मुस्कुराये । अरे मुस्कुराने में क्यू कंजूसी हंसो  गाओ  । आम आदमी ही तो थे  मर गए साले । मरने के लिए ही पैदा हुये थे , अपनी मंजिल तक पहुंच गये,  ये तो हसने की बात है ख़ुशी मनाने  की बात है । हो सकता है मंत्री जी इस ख़ुशी में आज रात शैम्पेन  की बोतल खोले और कोई बलखाती हुई सुकुमारी कन्या "आओ राजा कुण्डी मत खड़काओ राजा सीधा अंदर आओ  राजा " मधुर आवाज में सुना  के दिल में चिंगारी भड़का दे । भाई जश्न होना चाहिए कीड़े मकोड़ो की जिंदगी जीने वाले लोग काम हो रहे है । जितने लोग मरेंगे उतने ही सवाल पूछने वालो की संख्या कम हो जायेगी । सरकार से कोई नहीं कहेगा नौकरी के लिए, राशन के लिए, सफाई के लिए ,  बिजली के लिए , पानी के लिए, सड़क के लिए, कोई नहीं पूछेगा । दो साल पहले व्यापम के बारे में सुना था वो भी डॉ  आनद राय के जरिये 7 जुलाई 2013  में इंदौर में पि एम टी की परीक्षा फर्जी तरीके से देते हुए फर्जी मतलब मुन्ना भाई नहीं देखी क्या । शिव राज की गलती ये है की उन्होंने कोई कार्यवाही तुरंत नहीं की अब गले में हड्डी हो गई है तो कहते है एस  टी ऍफ़ से जाँच करायेगे अभी क्यू तभी  क्यू नहीं। किस चीज का इन्तेजार कर रहे हो तुम लोगो के मरने का । वैसे भी अगर विकास की बात की जाये तो मध्य प्रदेश में विकाश हुआ है लेकिन विकाश के पीछे पिंकी की इज्जत भी लूटी गई । साहब लोगो ने खूब पिंकी को लूटा तिजोरी भरी बस 10 % विकास 90  % पिंकी का बलात्कार । छत्तीसगढ़ में भी यही है । आप अपने संशाधनों का पूरा इस्तेमाल नहीं कर सके, नियन्त्रण  नहीं कर सके औए इस लूट में जो जूठा मिल गया उसका विकास हो गया । व्यापम में शामिल छोटा बाबू  तो या तो सलाखों के पीछे है या मर गया बड़ा साहब का क्या वो नहीं पकड़ा जायेगा  अगर भरोसा  नहीं है तो कुंदन शाह निर्देशित, नशीरुद्दीन और रवि बासवानी अभिनीत फिल्म जाने भी दो यारो देख लीजिये । कुछ बताने को शेष नहीं रह जायेगा । अंत में इस व्यापम के चक्कर  में जो लोग नहीं रहे उनके लिए प्रार्थना एवं मंत्री जी के लिए शुभकामनाये
धन्यवाद 

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