आज दिन भर काम का बोझ रहा । बार बार लाइट जाने से काम भी रुक रहा है । समझ में नहीं आता की मै कैसे मैनेज करू । एक तो इनकम टैक्स में सोसाइटी का केस ऊपर से २७ तक सरे डॉक्यूमेंट जमा करवाने की वार्निंग । पिछले 4 दिनों से यही सब, ये हिसाब बनाओ , वो हिसाब बनाओ । बस जिसे देखो हिसाब । शुक्र है की रिकार्ड टैली हो रहा है वार्ना रत में भी जूटो । कभी कभी लगता है छोड़ो काम करना अब तो नेतागीरी में ही मजा है, अपने दिल्ली वाले आम आदमी के बारे में सोचता हूँ की ये बाँदा IRS था वहाँ तो अकाउंट में दिन रात काम ही काम होता है फिर राजनीती , आंदोलन, भूख हड़ताल धरना के लिए समय कहाँ से निकल लेता था । मेरे सीनियर दिल्ली से ही आये है कौतूहलवश उनसे यूँही पुंछ लिया वो महान भाव दिल्ली का CM होने के बावजूद इतनी शिकायते , ताने , धरने का समय कैसे निकलता है । भाई CM पास काम की कमी थोड़े है अभी उनका नया करना मै बयां करता की मेरे सीनियर बोले काम तो गधे करते है अक्लमंद काम न होने के बहाने बनता है । भाई ट्विटर पर लोगो को बताओ की हमें काम नहीं करने दिया जा रहा है हम क्या करे , भले ही बारिश में नालियां बजबजाने लगे , भले ही सफाई कर्मचारी सैलरी ना मिलने का बहाना बना कर सफाई ना करे टीवी पर अपनी प्रशंसा का गीत जरुर बजना चाहिए तभी कल्याण होगा मैंने पूछा मैंने सुना है मेरे आम आदमी ने अपने कुनबे के बन्दे को खुश करने के लिए उसकी मोहतरमा को महिला योग का अध्यक्ष बना दिया है वो बोले अरे कई दिनों से कोई बहाना ही नहीं मिल रहा था तो अपने आम आदमी ने सोचा होगा की कही लोग भूल ना जाएँ बस फिर क्या बिना राज्यपाल को बताये ही महिला योग की अध्यक्ष बना दिया अरे वो तो बीबी का डर है वरना घर की होम मिनिस्ट्री थमा देते आखिर है तो आम आदमी ही ना । एक बात है अपना आम आदमी चतुर बहुत है जनता था हर राज्य में योग की नियुक्ति करने से पहले राज्यपाल को सूचना देना जरुरी है अगर सुचना ना दो तो नियुक्ति अवैध बस फिर क्या अपना काम तो हो गया मिल गया काम ना करने का बहाना । दुनिया को बता देंगे की राज्यपाल की छोड़ो हमें तो PM भी कुछ नहीं करने दे रहा है । पार्टी फण्ड में एक ढेलानहीं है लेकिन बंदा विज्ञापन पर विज्ञापन ढेले जा रहा है पैसे भी नहीं है क्या कर रहे है समझ में ही नहीं आ रहा है लेकिन एक बात जरुर है अभी आप लोग देख ही रहे होंगे की आम का सीजन जा रहा है और जब आम का सीजन जाता है तो आम नखरे दिखता है अरे भाई आई मीन महँगा हो जाता है और फिर लोग जबान से उसे उतार देते है आम का सीजन जा रहा है और आम आदमी का सीजन भी जा रहा है बेचारे दिल्ली वाले सोचा था वाई फाई फ़ोकट में मिलेगा,बिजली फ़ोकट में मिलेगी,पानी के पैसे नहीं देने पड़ेगें हा सही है लेकिन पैट्रोल के पैसे दूसरी जगह से डेढ़ गुना ज्यादा देने पड़ेगें ये नहीं सोचा था भाई दिल्ली में सस्ती बिजली , पानी , वाई फाई के लिए थोड़े पासे देने पड़ेंगे और थोड़े पैसों के लिए कम पर जाना पड़ेगा कम पर जाने के लिए साधन चाहिए , गाड़ी चाहिए , साधन , गाड़ी पैट्रोल से चलेंगे और वो आम आदमी महँगा को महँगा मिलेगा । महँगा मिलेगा तो बचत करोगे , बचत कैसे होगी जब तुम काम पर कम जाओगे और काम पर काम जाओगे तो मालिक तुम्हारा जीजा साला बहनोई या बाप नहीं है लात मारके बाहर कर देगा । तब काम नहीं होगा पैसे नहीं होंगे तो फोकट में हर चीज चाहिए । फ़ोकट में मिलेंगे नहीं तो हम क्या देंगे धरना , और दुनिया को बतायेगें की PM हमें काम नहीं करने दे रहा है । मै कुछ कहता की तभी हमारे GM साहब की आवाज आई हिसाब बन गया हो तो अकाउंट का मिलानकर लो । बस गधे जुट गए काश हमारे कार्यालय में भी कोई आम आदमी होता । हाय रे किस्मत वो शुभ दिन कब आयेगा कब हमारे कार्यालय में वो आम आदमी अवतार लेगा ।
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