निंदक नियरे राखिए, ऑंगन कुटी छवाय।
बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय।।
कबीर दास जी कहते हैं कि व्यक्ति को सदा चापलूसों से दूरी और अपनी निंदा करने वालों को अपने पास ही रखना चाहिए, क्यूंकि निंदा सुन कर ही हमारे अन्दर स्वयं को निर्मल करने का विचार आ सकता है और यह निर्मलता पाने के लिए साबुन और पानी कि कोई आवश्यकता नहीं होती है ।
लेकिन मैं मानता भाई मेरा मानना है की पीठ पीछे दुसरो का चरित्र हनन करना, बुराई करना , इधर की उधर लगाना बड़ा ही रोचक एवं रस से भरा हुआ कार्य है इस में इतना रस है की जितना तो अनुष्का शर्मा के ओठो में भी नहीं होगा, बस पीते जाओ, पीते जाओ। न मन भरता है और न मन मानता है । अगर इस कार्य को आप करने लगे तो मोहल्ले में आपकी धाक जाम जाएगी । तांक झांक करने वालो का विशेष स्वागत किया जाता है । यकींन नहीं तो अपने ऑफिस में देख लो, काम करने वाला या वाली गधे की तरह काम कर रहा है और तांक झांक करने वाला या वाली आराम से बॉस के कमरे में बैठ कर AC का आन्नद लेते रहते है, चाय का दौर चलाते है साथ में समोसे भी होते है और कही आपके ऑफिस के बगल लल्न के दुकान के हो तो मजा आ जाता है लेकिन अगर तांक झांक करने का गुण आप मे नहीं है या आप इधर की उधर नहीं करते और आपका इस सिद्धांत में अटल विश्वाश है की काम और मेनहत करने से आदमी कामयाब होता है तो जरा अपने मोहल्ले के धोबी के गधे को ही देख लीजियेगा सारी गलत फैमी दूर हो जाएगी, और मैं लिख कर दे सकता हूँ की आपको मजे कभी नहीं मिलेगें । आप कभी लोक प्रिय नहीं हो सकते, आपका कभी मान नहीं होगा क्यू की आप सिर्फ अपने काम से काम रखते है आपके ऑफिस में काम करने वाली सुकोमल कन्या कभी आप से लिफ्ट नहीं मांगेंगी और आप हमेशा उसके भैया ही बने रहोगे । अरे निंदा करना कोई मजाक का काम नहीं है इसमें तो स्मार्टनेस होनी चाहिए । मोहल्ले की किसी लड़की को लड़के के साथ देखिये और और लपलपाती जीभ, फूलता पेट और सामान्य सी बात को तील से ताड, नहीं माफ़ कीजिये पहाड़ बनाने की क्षमता रखना मामूली बात नहीं है । ऑफिस में किस का किस के साथ चककर चल रहा है किस ने कहाँ जाने का प्लान बनाया है, कौन आपकी नज़र में काम कर रहा है और कौन नहीं, इस का साबुत तो स्मार्ट कर्मचारी ही दे सकता है जैसे ही वो समार्ट आदमी दरवाजा खोलता है समझो बॉस की तो घंटी ही बज जाती है और अगर बॉस महिला हो तो और मजेदार हो जाता है । बस नैतिकता की सीता, और आयातित जीवन मूल्यों के दुष्प्रभाव से रसातल में जा चुकी निंदा का मजा लीजिये । दोनों ही खुश होते है एक अपनी कलाकारी से, तो दूसरा किसी की नाक कटाई से । खुद गटर में रह कर दुसरो पर गन्दगी उछालने का आनंद आज के समाज की बड़ी उपलब्धि है और ये उपलब्धि आप मे नहीं है तो आप जिन्दा क्यू है ।हर ऑफिस में तथाकथित सच्चाई को समर्पित 2 -4 स्मार्ट कर्मचारी होते है । क्यूकी असत्य का अधिनायक जानता है की झूठ के सुपरसोनिक जेट प्लेन में अत्याधुनिक इंजन लगे होते है । मेरे प्यारे काम करने वालो, ये जान लो की वाक - शक्ति से चलने वाला जहाज जो कीर्तिमान बना सकता है वो तुम्हारी दिन रात की मेनहत भी नहीं बना सकती है। एक बात जान लो अगर सुबह जल्दी उठने से आदमी अमीर हो जाता तो तुम्हारा अख़बार वाला आज अरबपति होता और मेनहत करने से कोई राजा हो जाता तो गधा जंगल का राजा होता । बड़ा बनना है तो काम कम करो स्मार्ट ज्यादा बनो ।
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