अभी कुछ दिन पाहिले ही हमारे अशोक भैया ने बजरंगी भाई जान देख ली | शाम को चौपाल पर पर बैढते ही कल्लन से बोले अरे ढक्कन एक चाय ला तो और हा पैसे छुट्टन के खाते में लिख लेना बेचारा छुट्टन खिसिया कर रह गया अब क्या करे अशोक भैया से सीना जोरी भी तो नहीं कर सकता | कहाँ वो सिंगल पसली और कहाँ अशोक भैया डबल बैरल | चाय की चुस्की के साथ ही बोले की अरे तुम लोगो ने बजरंगी भाई जान देखि की नहीं बेचारा सलमानवा मुन्नी को लेकर पडोसी मूलक ले जाता है उसके घर परिवार से मिलवाने | परोपकार का काम कर रहा था लेकिन ढक्कन का तुम जानत हो अगर उसकी जगह अपने आम आदमी केजरीवाल जाते तो अपने साथ 12 और लोगों को ले जाते, 8 कैमरामैन और 4 रिपोर्टर और जब फ़ौज उन्हें रोकती तो वो वहीं बॉर्डर पर धरना देने बैठ जाते।
लेकिन अगर मोदी जी जाते तो वो मुन्नी को अफगानिस्तान, ईरान व चीन घुमाते हुए पाकिस्तान पहुंचाते और मुन्नी वहाँ पहुँचते ही अपनी माँ से कहती - मितरों ! मैं आ गयी। अगर हमारे राहुल बाबा जाते तो मुन्नी कहती - मेरी ऊँगली पकड़ कर चलो, वरना खो जाओगे फिर ना कहना मैंने तुम्हारा ख्याल नहीं रखा | अगर रोबर्ट वाड्रा जाते तो पाकिस्तान फिर से भारत का हिस्सा बन जाता। आपको तो पता है की वो जमीनों के मामले में कितने लकी है मुन्नी को पाकिस्तान छोड़ने अगर आलोक नाथ जाते तो मुन्नी का कन्यादान करके ही लौटते। कोई कम तो है नहीं उनके पास | अगर कुमार विश्वास जाते तो वो उन्हें वापस छोड़ने के लिए एम्बुलेंस को आना पड़ता। और दर अलग रहता की कोई सुकुमारी कन्या ये ना कह दे की इनका मेरे से चक्कर था अब भाई आप तो जानते है की जहाँ ना पहुचे रवि वहां पहुचे कवि | अगर अल्ताफ राजा जाते तो बाद में अगले दिन पूरा पाकिस्तान उन्हें वापस भारत छोड़ने आता। वैसे वो आज कल गायब ही है इसी बहाने उनका हाल चाल भी मिल जाता | अगर अर्नब गोस्वामी जाते तो आधे पाकिस्तानी बहरे व आधे पाकिस्तानी पागल हो जाते। उनकी बातें ही इतनी खतरनाक है क्या करे | अगर आशुतोष जाते तो उन्हें भारतीय दूतावास की बजाए वेस्ट-इंडीज दूतावास में ठहराया जाता। भाई वो भी तो आम आदमी की ताकत है | अगर एन.डी.तिवारी जाते तो वहाँ भी 2-4 घर बसा के आ जाते। और जब आते तो पता चलता की एक मुन्नी छोड़ते और कितनी पिंकी , बबलू , के साथ पाकिस्तान का विकास भी पैदा कर के ही आते |और अंत में भाईया अगर गलती से भी हमरे अपने इमरान हाश्मी जाते तो मुन्नी को छोड़ आते और बदले में हीना रब्बानी को ले आते।
बस लग गया ठहाका समझे ढक्कन |
लेकिन अगर मोदी जी जाते तो वो मुन्नी को अफगानिस्तान, ईरान व चीन घुमाते हुए पाकिस्तान पहुंचाते और मुन्नी वहाँ पहुँचते ही अपनी माँ से कहती - मितरों ! मैं आ गयी। अगर हमारे राहुल बाबा जाते तो मुन्नी कहती - मेरी ऊँगली पकड़ कर चलो, वरना खो जाओगे फिर ना कहना मैंने तुम्हारा ख्याल नहीं रखा | अगर रोबर्ट वाड्रा जाते तो पाकिस्तान फिर से भारत का हिस्सा बन जाता। आपको तो पता है की वो जमीनों के मामले में कितने लकी है मुन्नी को पाकिस्तान छोड़ने अगर आलोक नाथ जाते तो मुन्नी का कन्यादान करके ही लौटते। कोई कम तो है नहीं उनके पास | अगर कुमार विश्वास जाते तो वो उन्हें वापस छोड़ने के लिए एम्बुलेंस को आना पड़ता। और दर अलग रहता की कोई सुकुमारी कन्या ये ना कह दे की इनका मेरे से चक्कर था अब भाई आप तो जानते है की जहाँ ना पहुचे रवि वहां पहुचे कवि | अगर अल्ताफ राजा जाते तो बाद में अगले दिन पूरा पाकिस्तान उन्हें वापस भारत छोड़ने आता। वैसे वो आज कल गायब ही है इसी बहाने उनका हाल चाल भी मिल जाता | अगर अर्नब गोस्वामी जाते तो आधे पाकिस्तानी बहरे व आधे पाकिस्तानी पागल हो जाते। उनकी बातें ही इतनी खतरनाक है क्या करे | अगर आशुतोष जाते तो उन्हें भारतीय दूतावास की बजाए वेस्ट-इंडीज दूतावास में ठहराया जाता। भाई वो भी तो आम आदमी की ताकत है | अगर एन.डी.तिवारी जाते तो वहाँ भी 2-4 घर बसा के आ जाते। और जब आते तो पता चलता की एक मुन्नी छोड़ते और कितनी पिंकी , बबलू , के साथ पाकिस्तान का विकास भी पैदा कर के ही आते |और अंत में भाईया अगर गलती से भी हमरे अपने इमरान हाश्मी जाते तो मुन्नी को छोड़ आते और बदले में हीना रब्बानी को ले आते।
बस लग गया ठहाका समझे ढक्कन |
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